Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 62, Verse 36
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 62, verse 36 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 62 · श्लोक 36
संस्कृत श्लोक
व्यवहारो यथोदेति स्वप्ने स्वप्नजनैः सह ।
तथा तदा तया सार्धं व्यवहारो ममोदितः ॥ ३६ ॥
हिन्दी अर्थ
भगवन्. शरीररलित आपका उसके साथ ग्रश्नादि व्यवहार कैसे हुआ, उत्त पर कहते है/
स्वप्न में स्वप्नजनों के साथ जैसा व्यवहार प्रवृत्त होता है, वैसा ही उस समय मेरा भी व्यवहार
उस स्त्री के साथ प्रवृत्त हुआ