Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 64, Verse 38
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 64, verse 38 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 64 · श्लोक 38
संस्कृत श्लोक
तेन सार्धं मया भर्त्रा शिलाकोटरसंकटे ।
अनुभूताश्चिरं कालमत्र वर्षगणा गताः ॥ ३८ ॥
हिन्दी अर्थ
उस शिला के कोटर के संकट
में फँसकर मैंने उस अपने पति के साथ दीर्घकाल तक अनुभव किया और अनेक वर्ष व्यतीत
किये