Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 64, Verse 60
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 64, verse 60 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 64 · श्लोक 60
संस्कृत श्लोक
उद्यानावनयः सर्वाः पूर्णाः कुसुमवर्षणैः ।
संपन्नास्तप्तसिकताः शून्या मे मरुभूमयः ॥ ६० ॥
हिन्दी अर्थ
कुसुमं की वृष्टियों से
पूर्ण समस्त उद्यानभूमि भी मुझे तपी हुई बालू से युक्त शून्य मरुभूमि ही प्रतीत होती है