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Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 64, Verse 7

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 64, verse 7 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 64 · श्लोक 7

संस्कृत श्लोक

अन्ते द्वीपसमुद्राणां सर्वदिक्कमवस्थिता । योजनानां सहस्त्राणि दश हेममयी मही ॥ ७ ॥

हिन्दी अर्थ

साता द्वीप ओर समुद्रो के अन्त में चारों ओर से दस हजार योजन तक लम्बी, चौड़ी सुवर्णमयी पृथ्वी स्थित है