Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 67, Verse 9
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 67, verse 9 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 67 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
क्व शैलशिखरश्रेण्यः क्व महार्णवलेखिकाः ।
क्व द्वीपवलयाः सप्त क्व तप्तकनकावनिः ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
कहाँ पर्वतों के शिखरो की श्रेणियाँ हैं, कहाँ
बड़े-बड़े लवण-समुद्रों की पंक्तियाँ हैं, कहाँ सात द्वीपरूपी कंकण हैं और कहाँ तपे सोने के सदृश
भूमि है ?