Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 69, Verse 20
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 69, verse 20 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 69 · श्लोक 20
संस्कृत श्लोक
इत्युक्ते तेन भगवन्नभिवादय इत्यहम् ।
वदन्मणिमये पीठे निविष्टो दृष्टिदर्शिते ॥ २० ॥
हिन्दी अर्थ
श्रीरामजी, उस जगत् के ब्रह्माजी के वैसा
कहने पर हे भगवन्, आपका अभिवादन करता हूँ” यों कहते हुए मैं नेत्र के इशारे से दर्शित मणिमय
आसन पर बैठ गया