Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 7, Verse 14
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 7, verse 14 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 7 · श्लोक 14
संस्कृत श्लोक
स्वर्गादयो बृहद्वर्गा महाविटपकोटराः ।
मेरुमन्दरसह्यादिगिरयः पत्रराजयः ॥ १४ ॥
हिन्दी अर्थ
महान् लोगों के स्वर्ग आदि
लोकवर्ग इसके महान् शाखा समूहों के गरभप्रदेश है । मेरु, मन्दर, सह्य आदि पर्वत इसकी पत्तों की
पंक्तियाँ हैं