Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 72, Verse 8
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 72, verse 8 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 72 · श्लोक 8
संस्कृत श्लोक
संकल्पद्रुमजालानि सेन्द्रादिनगराणि च ।
पेतुर्भूकम्पलोलस्य शिरांस्यमरभूभृतः ॥ ८ ॥
हिन्दी अर्थ
कल्पवृक्षो के समूह, इन्द्र आदि के साथ उनके नगर और भूकम्प से चंचल हुए सुमेरु
पर्वत के शिखर गिरने लगे