Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 73, Verse 9
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 73, verse 9 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 73 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
शैलेन्द्रापेक्षया सूक्ष्मा यथेमे त्रसरेणवः ।
तथा सूक्ष्मतरं स्थूलं ब्रह्माण्डं यदपेक्षया ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
पर्वतराज सुमेरु की अपेक्षा ये त्रसरेणु जैसे सूक्ष्म
हैं, वैसे ही अन्य की अपेक्षा अतिस्थूल यह विशालतम ब्रह्माण्ड मंडल उसकी (ब्रह्म की) अपेक्षा
अतिसूक्ष्म (अणुतर) है