Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 74, Verse 10
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 74, verse 10 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 74 · श्लोक 10
संस्कृत श्लोक
ब्रह्माण्डखण्डमस्याधो विस्तृतं पादयोस्तलम् ।
जानुमण्डलरन्ध्राणि पातालकुहराण्यधः ॥ १० ॥
हिन्दी अर्थ
इस
भूमण्डल के नीचे का ब्रह्माण्डखण्ड उसके पैर का विस्तृत तलवा है और नीचे जो पाताल गर्त
है वे उसके जानुमण्डल के छिद्र हें