Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 75, Verse 7
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 75, verse 7 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 75 · श्लोक 7
संस्कृत श्लोक
एकादशेऽखिलार्काणां प्रतिबिम्बमिवोत्थितम् ।
उदभूत्त्रयमर्काणामन्तरे दिग्गणाम्बरे ॥ ७ ॥
हिन्दी अर्थ
दिग्गणों के मध्याकाश में
ग्यारहवाँ सूर्य उदित हुआ । उस ग्यारहवे सूर्य में, दर्पण में प्रादुर्भूत हुए प्रतिबिम्ब की तरह, तीन
अन्य सूर्य उदित हुए (७)