Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 76, Verse 11
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 76, verse 11 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 76 · श्लोक 11
संस्कृत श्लोक
महाप्रलयसंक्षुब्धक्षीरोदमथनारवम् ।
ब्रह्माण्डोग्रारघट्टेऽस्मिन्वार्यन्त्रमिव सारवम् ॥ ११ ॥
हिन्दी अर्थ
महाप्रलय के कारण विक्षुब्ध हुए क्षीरसागर के मंथन का वह भयानक शब्द था,
ब्रह्माण्डरूप जो महान उग्र अरघट्टयन्त्र है, उसमें लगे हुए जलधारायन्त्र का एक तरह से वह
शब्द था