Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 78, Verse 6
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 78, verse 6 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 78 · श्लोक 6
संस्कृत श्लोक
अर्धदग्धद्रुमवनव्यूहशैवलसंकटः ।
त्रैलोक्यभस्मसंसृष्ट आसीत्कर्दमकुत्सितः ॥ ६ ॥
हिन्दी अर्थ
उस समुद्र में अर्धदग्ध वृक्षों से युक्त वनसमूह तो शैवाल-सा लग रहा था ओर त्रिलोकी के
भस्म से उत्पन्न कीचड़ से वह कुत्सित भी प्रतीत हो रहा था