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Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 80, Verse 26

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 80, verse 26 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 80 · श्लोक 26

संस्कृत श्लोक

सर्वभूतपरित्यक्तस्तस्मिन्काले खमूर्तिमान् । क्षोभयन्स क्षणं क्षीणः परमां शान्तिमेष्यति ॥ २६ ॥

हिन्दी अर्थ

उस प्रलयकाल में एक क्षणतक सबको क्षोभित करते हुए, सम्पूर्ण भूतो से परित्यक्त होकर चिदाकाशमात्र मूर्तिधारी वह परमेश्वर परमशान्त को प्राप्त हो जायेगा