Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 81, Verse 17
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 81, verse 17 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 81 · श्लोक 17
संस्कृत श्लोक
कुमारबर्हिपिच्छौघैर्ब्राह्ममूर्धजमण्डलैः ।
लाञ्छितोच्चसुराधीशशिरःखट्वाङ्गमण्डला ॥ १७ ॥
हिन्दी अर्थ
उसका खट्वांगमण्डल मयूरो के पिच्छसमूहों तथा ब्रह्मा के केशों के मण्डलो से लांछित (चिह्नित)
चन्द्रादि सुराधीशों के ऊँचे -ऊँचे मस्तकों से अलंकृत था