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Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 81, Verse 9

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 81, verse 9 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 81 · श्लोक 9

संस्कृत श्लोक

मिन्नाञ्जनतमःश्यामा यामिनोवाकृतिं गता । तमःश्रीर्देहयुक्तेव साकारेवाम्बरद्युतिः ॥ ९ ॥

हिन्दी अर्थ

घनीभूत अंजन रूप तम के समान उसका श्याम वर्ण था, इसलिए देखने में वह दूसरी मूर्तिमती रात-जैसी, शरीरयुक्त अन्धकार की शोभा-सी तथा साकार श्यामवर्णं आकाश की द्युति-जैसी प्रतीत हो रही थी