Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 88, Verse 8
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 88, verse 8 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 88 · श्लोक 8
संस्कृत श्लोक
सशृङ्गभैरवश्वभ्रपुराद्रिवनपत्तनम् ।
संविन्मण्डलसंचाललेखाङ्कमृदुकम्पनम् ॥ ८ ॥
हिन्दी अर्थ
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