Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 89, Verse 12
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 89, verse 12 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 89 · श्लोक 12
संस्कृत श्लोक
विद्धि चिदूपबालस्य मनोराज्यं जगत्त्रयम् ।
महीतलादिकं दृश्यमिदं सर्वं च सर्वदा ॥ १२ ॥
हिन्दी अर्थ
हे रामजी, चितिरूपी
बालक का [ब्रह्माजी का) त्रिजगत्, यह भूतल आदि सब दृश्य भी सदा एक मनोराज्य ही है, यह
आप जानिये