Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 93, Verse 11
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 93, verse 11 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 93 · श्लोक 11
संस्कृत श्लोक
समाधियोग्यमेकान्तं लभेयेतीह चिन्तया ।
कुटी दृष्टेयमेतेन सत्यसंकल्पशालिना ॥ ११ ॥
हिन्दी अर्थ
मैं समाधियोग्य एकान्त स्थान पाऊँ इस चिन्ता से इन्होंने
यहाँ आगमन किया है ओर यहाँ आकर सत्यसंकल्पवश अपनी समाधि के योग्य यह कुटिया देखी
हे