Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 93, Verse 19
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 93, verse 19 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 93 · श्लोक 19
संस्कृत श्लोक
पतता तेन सिद्धेन ततः सौजन्यकौतुकः ।
मनसैवाहमगमं नभसो वसुधातलम् ॥ १९ ॥
हिन्दी अर्थ
तदनन्तर गिर रहे उस सिद्ध के साथ में
उस आतिवाहिक देह से सज्जनतावश कहिये या कौतुकवश किये आकाश-मण्डल से वसुधातल
की ओर गया