Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 93, Verse 79
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 93, verse 79 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 93 · श्लोक 79
संस्कृत श्लोक
सत्यं मनोरमाः कामाः सत्यं रम्या विभूतयः ।
किंतु मत्ताङ्गनापाङ्गभङ्गलोलं हि जीवितम् ॥ ७९ ॥
हिन्दी अर्थ
मान लिया जाय कि विषयभोग
मनोरम हैं ओर ऐश्वर्य भी मनोरम ही है, परन्तु जीवन तो उन्मत्त अंगनाओं के अपांगभंग के सदुश
अति चंचल ही है