Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 93, Verse 94
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 93, verse 94 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 93 · श्लोक 94
संस्कृत श्लोक
अद्य दीर्घेण कालेन निरहंकृतिना मया ।
स्वर्गापवर्गवैतृष्ण्यमिदमासादितं धिया ॥ ९४ ॥
हिन्दी अर्थ
आज दीर्घकाल व्यतीत हो जाने के पश्चात् निरहंकार हुए
मैंने अपनी विवेकबुद्धि से यह स्वर्ग-अपवर्ग के प्रति विरक्ति प्राप्त की है