Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 94, Verse 71

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 94, verse 71 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 94 · श्लोक 71

संस्कृत श्लोक

यास्त्वर्धपक्वास्ता एता नरनागादिजातयः । यास्त्वाश्याना रजोनष्टास्ताः कृमिस्थावरादयः ॥ ७१ ॥

हिन्दी अर्थ

इनमें जो शिलाएँ अर्ध उज्ज्वल है वे नर, नाग आदि की जातियाँ हैं तथा जो मलिन और रजोगुण से दूषित शिलाएँ हैं वे सब कृमि, कीट, स्थावर आदि हैं