Yoga Vasistha — Vairagya Prakarana (Dispassion), Sarga 8, Verse 19
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के वैराग्य प्रकरण, सर्ग 8, verse 19 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
वैराग्य प्रकरण · सर्ग 8 · श्लोक 19
संस्कृत श्लोक
नववर्षसहस्राणि मम जातस्य कौशिक ।
दुःखेनोत्पादितास्त्वेते चत्वारः पुत्रका मया ॥ १९ ॥
हिन्दी अर्थ
भगवन्, मुझे उत्पन्न हुए नौ हजार वर्षो तक पुत्र की कामना सताती रही, तदुपरान्त
बड़े कष्ट से मैंने इन चार बेटों को उत्पन्न किया हे