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Yoga Vasistha — Vairagya Prakarana (Dispassion), Sarga 9, Verse 5

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के वैराग्य प्रकरण, सर्ग 9, verse 5 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

वैराग्य प्रकरण · सर्ग 9 · श्लोक 5

संस्कृत श्लोक

वाल्मीकिरुवाच । तस्मिन्कोपपरीतेऽथ विश्वामित्रे महात्मनि । चचाल वसुधा कृत्स्ना सुरांश्च भयमाविशत् ॥ ५ ॥

हिन्दी अर्थ

वाल्मीकि ने कहा : उस महान्‌ तपस्वी विश्वामित्र के क्रोधित होने पर सारी पृथ्वी कोपने लगी। सम्पूर्ण देवताओं को भय होने लगा