Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 1, Verse 5
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 1, verse 5 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 1 · श्लोक 5
संस्कृत श्लोक
मुमुक्षुव्यवहारोक्तिमयात्प्रकरणात्परम् ।
अथोत्पत्तिप्रकरणं मयेदं परिकथ्यते ॥ ५ ॥
हिन्दी अर्थ
जिस प्रकरण में प्रायः मुमुक्षुओं
के व्यवहारका वर्णन है, उसके अर्थात् सुमुक्षुव्यवहारप्रकरण के अनन्तर मेँ इस उत्पत्ति प्रकरण
का वर्णन करता हूँ