Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 101, Verse 36
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 101, verse 36 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 101 · श्लोक 36
संस्कृत श्लोक
राजपुत्रास्त्रयो नद्यो भविष्यन्नगरे यथा ।
यथा संकल्परचना तथेयं हि जगत्स्थितिः ॥ ३६ ॥
हिन्दी अर्थ
जैसे तीन राजपुत्र, तीन नदियाँ ओर भविष्यत् नगरमें
ओर ओर संकल्प रचना हुई वैसे ही यह संसार स्थिति भी संकल्पमय ही हे