Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 118, Verse 9
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 118, verse 9 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 118 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
शास्त्रसज्जनसंपर्कवैराग्याभ्यासपूर्वकम् ।
सदाचारप्रवृत्तिर्या प्रोच्यते सा विचारणा ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
शास्त्राभ्यास, गुरूुओं के साथ
संसर्ग, वैराग्य और अभ्यासपूर्वक जो प्रवृत्ति (५६) है, वह विचारणा नाम की ज्ञानभूमिका
है