Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 121, Verse 2
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 121, verse 2 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 121 · श्लोक 2
संस्कृत श्लोक
महतानेन दुःखेन सर्वे ते ग्रामका जनाः ।
विनिर्गत्य गता दूरं सर्वे पञ्चत्वमागताः ॥ २ ॥
हिन्दी अर्थ
इस
महान् दुःख से ग्राम के सभी लोग निकलकर दूर चले गये तथा शेष सब लोग मर गये