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Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 30, Verse 33

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 30, verse 33 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 30 · श्लोक 33

संस्कृत श्लोक

यः सर्वविभवोऽस्माकं धियां न विषयं ततः । तज्जगत्कथने शक्तिर्न ममास्ति महामते ॥ ३३ ॥

हिन्दी अर्थ

अपनी अशक्ति स्थापन के बहाने जगत विस्तार वर्णन का उपसंहार करते हैं। महामते, जगत्‌ के वर्णन के विषय में हमारी बुद्धि का जो सम्पूर्ण वैभव था, उसे हम दिखला चुके हैं । उसके बाद जो जगत्‌ है, वह हमारी बुद्धि का विषय नहीं है । उसके वर्णन की मुझमें शक्ति नहीं है