Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 34, Verse 40
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 34, verse 40 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 34 · श्लोक 40
संस्कृत श्लोक
एषा प्रसृतदोर्दण्डभटखड्गच्छटात्कृतिः ।
कठिनात्कंकटाज्जाता मृत्योरेवोग्रहुंकृतिः ॥ ४० ॥
हिन्दी अर्थ
कठिन कवच से उत्पन्न हुई यह भूजदण्डों
को फैलाये हुए योद्धा के तलवार की वार की ध्वनि ही मानों मृत्यु की हुंकार है