Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 34, Verse 45
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 34, verse 45 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 34 · श्लोक 45
संस्कृत श्लोक
शस्त्रांशुजलदे व्योम्नि कालीचिकुरमेचके ।
शरकोरकभारस्रङ्मेघे विद्युदिवोदिता ॥ ४५ ॥
हिन्दी अर्थ
समुदाय की माला प्रादुर्भूत हुई है