Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 36, Verse 19
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 36, verse 19 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 36 · श्लोक 19
संस्कृत श्लोक
उत्फुल्लायुधकल्लोलशिराकुलजलेचरः ।
रोदोरन्ध्रसमुद्रोऽसौ बभूवामरदुस्तरः ॥ १९ ॥
हिन्दी अर्थ
पृथिवी और अन्तरिक्ष का मध्यभाग रूपी वह सागर अमर
(जीवित) लोगों से दुस्तर हुआ, उसमें चमचमा रहे हथियाररूपी तरंगों की शाखा-प्रशाखाओं
से जलचररूपी योद्धा व्याकुल थे