Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 38, Verse 16
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 38, verse 16 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 38 · श्लोक 16
संस्कृत श्लोक
उत्क्षिप्तमन्दरक्षीरसमुद्रवदनाकुलम् ।
सैन्यं प्रशाम्यदावर्तं शनैः साम्यमुपाययौ ॥ १६ ॥
हिन्दी अर्थ
जिससे मन्दराचल निकाला गया है, ऐसे क्षीर
समुद्र के समान प्रशान्त और आवर्तों से (जलभौरियों से) रहित सेना धीरे धीरे अव्याकुलता
को प्राप्त हुई