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Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 41, Verse 10

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 41, verse 10 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 41 · श्लोक 10

संस्कृत श्लोक

तयोरुक्त्वेति तत्याज पादयोः कुसुमाञ्जलिम् । तीरद्रुमो विकसितः पद्मिन्यो पद्मयोरिव ॥ १० ॥

हिन्दी अर्थ

यह कहकर राजा ने, जैसे कमल थे वैसे ही, उनके चरणकमलों पर पुष्पांजलि अर्पित की