Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 56, Verse 8
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 56, verse 8 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 56 · श्लोक 8
संस्कृत श्लोक
तामेवानुससाराथ स्त्रीद्वयं जीवसंविदम् ।
भ्रमरीयुगलं वातलग्नां गन्धकलामिव ॥ ८ ॥
हिन्दी अर्थ
तदुपरान्त उन दोनों स्त्रियों ने जैसे भँवरियाँ वायु में मिले हुए सुगन्धलेश का अनुगमन करती
हैं, वैसे ही उसी जीवसंवित् का अनुगमन किया