Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 60, Verse 7
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 60, verse 7 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 60 · श्लोक 7
संस्कृत श्लोक
एवमस्या मुधाभ्रान्तेः का सत्ता केव वासना ।
का वास्था का च नियतिः कावश्यंभावितोच्यताम् ॥ ७ ॥
हिन्दी अर्थ
ऐसी परिस्थिति में सत्ता, नियति, वासना आदि से भी जगत् की रक्षा नहीं हो सकती , इस
आशय से कहते हैं।
इस प्रकार इस व्यर्थभ्रमरूप दृश्य की क्या सत्ता है, कौन-सी वासना है, कौन आदर है,
क्या नियति है और क्या अवश्यम्भाविता कही जाय भ्रम के सत्ता आदि की क्या संभावना है,
यह भाव है