Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 61, Verse 9
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 61, verse 9 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 61 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
स्थितास्तरङ्गाः सलिले यथान्तरतरङ्गिते ।
सृष्टिशब्दार्थरहितास्तथान्तः सृष्टयः परे ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
जैसे तरंगशून्य जल के अन्दर तरंगें स्थित हैं, वैसे ही
सृष्टिशब्दार्थ से शून्य परब्रह्म के अन्दर सृष्टियाँ स्थित हैं