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Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 62, Verse 26

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 62, verse 26 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 62 · श्लोक 26

संस्कृत श्लोक

अवश्यंभवितव्यैषा त्विदमित्थमिति स्थितिः । न शक्यते लङ्घयितुमपि रुद्रादिबुद्धिभिः ॥ २६ ॥

हिन्दी अर्थ

इसकी स्थिति ऐसी ही होनी चाहिए इस प्रकार की अवश्यभवितव्यतारूप नियति का रूद्र आदि की बुद्धि द्वारा भी उल्लंघन नहीं किया जा सकता