Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 73, Verse 36
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 73, verse 36 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 73 · श्लोक 36
संस्कृत श्लोक
गृध्रः स्वामयसूचित्वं कश्चिदेतत्समाश्रितः ।
नितान्तप्रेरितः सूच्या कर्तुं मन उपाददे ॥ ३६ ॥
हिन्दी अर्थ
अपने भीतर प्रविष्ट रोगसूचिता से अधिष्ठित
तथा सूची से प्रेरित किया गया उक्त गीध अपने में प्रविष्ट हुई सूची के ईच्छित कार्य को
करने के लिए तत्पर हुआ