Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 77, Verse 24
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 77, verse 24 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 77 · श्लोक 24
संस्कृत श्लोक
कदाचित्ताविमौ स्यातां गुणयुक्तौ महाशयौ ।
तादृङ्न रविनाशो हि स्वभावान्मे न रोचते ॥ २४ ॥
हिन्दी अर्थ
शायद ये
दोनों गुणयुक्त महाशय हों, गुणवान् नरका विनाश करना मुझे स्वभावतः अच्छा नहीं
लगता