Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 82, Verse 9
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 82, verse 9 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 82 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
मयेमौ जङ्गलप्राप्तौ भवन्तौ भूमिभास्करौ ।
पूजनीयावतः शीघ्रमीहितं कथ्यतां शुभम् ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
मैंने भूमि के सूर्य
के सदुश आप दोनों को इस जंगल में पाया है, आप दोनों पूजनीय हैं, इसलिए शीघ्र कहिए, मैं
आप लोगों की कौन शुभ इच्छा पूरी करूँ