Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 89, Verse 26
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 89, verse 26 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 89 · श्लोक 26
संस्कृत श्लोक
एवमन्योन्यमासक्तं भावमालक्ष्य भूपतिः ।
चकार बहुभिर्दण्डैः स द्वयोरथ शासनम् ॥ २६ ॥
हिन्दी अर्थ
राजा ने
उनका परस्पर अत्यन्त आसक्तिवाला भाव देखकर बहुत से दण्डो से उन दोनों का शासन
किया