Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 91, Verse 18
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 91, verse 18 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 91 · श्लोक 18
संस्कृत श्लोक
सामान्यब्राह्मणा भूत्वा प्रतिभासवशात्किल ।
ऐन्दवा ब्रह्मतां याता मनसः पश्य शक्तताम् ॥ १८ ॥
हिन्दी अर्थ
साधारण ब्राह्मण होकर भी मनकी भावना के कारण ऐन्दव ब्राह्मण ब्रह्मता (ब्रह्मा के
पद) को प्राप्त हुए, यह मन का सामर्थ्य है