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Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 10, Verse 15

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 10, verse 15 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

स्थिति प्रकरण · सर्ग 10 · श्लोक 15

संस्कृत श्लोक

अचिन्तयत एवास्य भविष्यं तनयं ततः । कालं प्रति बभूवाशु कोपः परमदारुणः ॥ १५ ॥

हिन्दी अर्थ

अवश्यम्भावी वस्तु का विचार न कर रहे महर्षि भृगु को पुत्र को मरा देखकर तुरन्त कालके प्रति बड़ा गुस्सा आया