Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 11, Verse 6
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 11, verse 6 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 11 · श्लोक 6
संस्कृत श्लोक
पुनर्मन्दरसानुस्थां स्वस्थां कालाग्रसंस्थिताम् ।
समङ्गायास्तटादेत्य विवेश स्वतनुं भृगुः ॥ ६ ॥
हिन्दी अर्थ
फिर समंगा नदी के तट से आकर मन्दराचल के शिखर पर कालके आगे स्थित अपने स्वस्थ शरीर में
भृगु ने प्रवेश किया (>)