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Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 11, Verse 8

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 11, verse 8 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

स्थिति प्रकरण · सर्ग 11 · श्लोक 8

संस्कृत श्लोक

भगवन्भूतभव्येश बाला वयमनुज्ज्वलाः । त्वादृशामेव धीर्देव त्रिकालामलदर्शिनी ॥ ८ ॥

हिन्दी अर्थ

हे भगवन्‌, हे भूत और भविष्य के अधिपति, हम लोगों का चित्त स्नेह आदि से मलिन है, इसलिए हम लोग अज्ञानी हैँ । हे देव, आप जैसे त्रिकालज्ञ पुरुषों की ही बुद्धि भूत भविष्य और वर्तमान तीनों कालों को साफ-साफ देखती है