Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 13, Verse 9
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 13, verse 9 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 13 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
योऽयं मांसास्थिसंघातो दृश्यते पाञ्चभौतिकः ।
मनोविकल्पनं विद्धि न देहः परमार्थतः ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
जो यह मांस और हड्डियों का
समूहरूप पांचभौतिक देह दिखाई देती है, यह एकमात्र मन की कल्पना है। वह देह वास्तविक नहीं है