Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 23, Verse 18
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 23, verse 18 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 23 · श्लोक 18
संस्कृत श्लोक
अज्ञस्येयमनन्तानां दुःखानां कोशमालिका ।
ज्ञस्य त्वियमनन्तानां सुखानां कोशमालिका ॥ १८ ॥
हिन्दी अर्थ
अज्ञानी की यह देह अनन्त दुःखों की खान है, परन्तु ज्ञानी
की देह अनन्त सुखो की खान हे