Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 25, Verse 23
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 25, verse 23 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 25 · श्लोक 23
संस्कृत श्लोक
अथ शम्बरदैत्येन मुण्डिक्रोधद्रुमादयः ।
रक्षार्थमथ सामन्ताः स्वसेनासु नियोजिताः ॥ २३ ॥
हिन्दी अर्थ
देवताओं
के द्वारा उसकी सेना का विनाश होने पर शम्बरासुर ने मुण्डी, क्रोध, द्रम आदि सेनापतियों को अपनी
सेनाओं में रक्षा के लिए नियुक्त किया